स्कूलों के लिए सौर ऊर्जा (भारत)

स्कूल की छत पर 2 किलोवाट का पूरी तरह बना हुआ और तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार सोलर और बैटरी सिस्टम लगाइए, ताकि बिजली जाने पर भी लाइटें, पंखे, कंप्यूटर और इंटरनेट चलते रहें। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।


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